आजु तिलक चढ़य रघुनंदन के | Tilak Geet Lyrics in Hindi and English * आजु तिलक चढ़य रघुनंदन के, मंगल गावें सब नर-नारी। * जनक सुता संग बैठें राम जी, छवि लागे अति प्यारी। * बाजत ढोल मृदंग नगाड़ा, गूंजे अयोध्या नगरी सारी। * फूल बरसत देव गगन से, जय-जयकार करे संसारी। * आजु तिलक चढ़य रघुनंदन के, मंगल गावें सब नर-नारी। *** Aaju tilak chadhay Raghunandan ke, Mangal gaaven sab nar-naari. * Janak suta sang baithen Ram ji, Chhavi laage ati pyaari. * Baajat dhol mridang nagaada, Goonje Ayodhya nagari saari. * Phool barsat dev gagan se, Jai-jaikaar kare sansaari. * Aaju tilak chadhay Raghunandan ke, Mangal gaaven sab nar-naari. **
यह लोकगीतों को एक माला में पिरोने का प्रयास है। परम्परा से हमारे लोकगीत पीढ़ी दर पीढ़ी सतत प्रवाहमान रहे हैं और राग, लय एवं भावों की समृद्धि सहेजे हुए हैं। यदि आपके पास भी लोक-गीत-माला में पिरोने हेतु कुछ मोती हों तो उन्हें ब्लॉगर को उपलब्ध कराकर कृतार्थ करें।