बृज के रसिया मेरे मन बसिया || कृष्ण भजन लिरिक्स || Krishna Bhajan Lyrics in Hindi & English ** ** बृज के रसिया मेरे मन बसिया आओ आओ जी भोग लगायो रसिया ** शबरी के बेर सुदामा के तंदुल रुचि रुचि भोग लगाओ रसिया आओ आओ जी भोग लगायो रसिया ** बृज के रसिया मेरे मन बसिया आओ आओ जी भोग लगायो रसिया ** दुर्योधन के मेवे त्यागे । साग विदुर घर खाओ रसिया आओ आओ जी भोग, लगायो रसिया ** बृज के रसिया मेरे मन बसिया आओ आओ जी भोग लगायो रसिया ** द्रोपदी सख़ी की जैसे विपदा टारी भण्डारा मेरा भी भर जाओ रसिया आओ आओ जी भोग लगायो रसिया ** बृज के रसिया मेरे मन बसिया आओ आओ जी भोग लगायो रसिया ** ऐसा भोग लगाओ मेरे प्रभु जी । सब अमृत कर जाओ रसिया, आओ आओ जी भोग लगायो रसिया ** बृज के रसिया मेरे मन बसिया आओ आओ जी भोग लगायो रसिया ** चाँदी की छार में गंगा का जल रुचि रुचि आचमन जी करो रसिया आओ आओ जी भोग लगायो रसिया ** बृज के रसिया मेरे मन बसिया आओ आओ जी भ...
यह लोकगीतों को एक माला में पिरोने का प्रयास है। परम्परा से हमारे लोकगीत पीढ़ी दर पीढ़ी सतत प्रवाहमान रहे हैं और राग, लय एवं भावों की समृद्धि सहेजे हुए हैं। यदि आपके पास भी लोक-गीत-माला में पिरोने हेतु कुछ मोती हों तो उन्हें ब्लॉगर को उपलब्ध कराकर कृतार्थ करें।