राम जी से पूछे जनकपुर की नारी | Ram Ji Se Puche | Ram Vivah Gari Geet Lyrics In Hindi and English ** राम जी से पूछे जनकपुर की नारी बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी ** तोहरा से पुछु मैं ओ धनुषधारी एक भाई गोर काहे एक काहे कारी बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी ** इ बूढ़ा बाबा के पक्कल पक्कल दाढ़ी देखन में पातर खाये भर थारी बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी ** राजा दशरथ जी कइलन होशियारी एकता मरद पर तीन तीन जो नारी बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी ** कहथिन सनेह लता मन में बिचारिन हम सब लगैछी पाहून सर्वो खुशहाली बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी ** राम जी से पूछे जनकपुर की नारी बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी ***** राम जी से पूछे जनकपुर की नारी | Ram Ji Se Puche | Ram Vivah Gari Geet Lyrics In H...
यह लोकगीतों को एक माला में पिरोने का प्रयास है। परम्परा से हमारे लोकगीत पीढ़ी दर पीढ़ी सतत प्रवाहमान रहे हैं और राग, लय एवं भावों की समृद्धि सहेजे हुए हैं। यदि आपके पास भी लोक-गीत-माला में पिरोने हेतु कुछ मोती हों तो उन्हें ब्लॉगर को उपलब्ध कराकर कृतार्थ करें।