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धन धन नगर अयोध्‍या || Dhan Dhan Nagar Ayodhya || सोहर || Sohar Lyrics in Hindi & English

धन धन नगर अयोध्‍या || Dhan Dhan Nagar Ayodhya || सोहर || Sohar Lyrics in Hindi & Englsih

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सोहर: भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा

सोहर एक पारंपरिक लोकगीतों की एक विधा है जो विशेष रूप से उत्तर भारत में बच्‍चे के जन्म के समय गाया जाता है। यह गीत विशेष रूप से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में प्रचलित है। सोहर लोकगीत को मुख्य रूप से नवजात शिशु को आशीर्वाद प्रदान करने के लिए और नवप्रसूता माता के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए गाया जाता है। यह गीत मातृत्व, जीवन और प्रकृति के साथ गहरे संबंधों को प्रदर्शित करता है। 

सोहर का इतिहास और महत्व

भारतीय समाज का हर पहलू संगीत से जुड़ा हुआ है और उसकी क्रम में सोहर भी प्राचीन काल से गाया जाता रहा है। सोहर में माताएं अपने बच्चों के जन्म पर खुशियों का प्रकटीकरण करने के लिए इस गीत का सहारा लेती थीं। इस गीत में आमतौर पर प्रकृति, माता-पिता की खुशी और नवजात के भविष्य की शुभकामनाएं होती हैं। सोहर गाने की परंपरा से जुड़ी कई कथाएं भी हैं, जो इसकी सांस्कृतिक गहराई को और बढ़ाती हैं।

सोहर के बोल एवं गायन शैली

सोहर के बोल आमतौर पर सरल और मनमोहक होते हैं। ये गीत माता-पिता की खुशी को व्यक्त करते हैं और नवजात के लिए आशीर्वाद स्वरूप होते हैं। गीत में अक्सर प्राकृतिक सौंदर्य, जैसे फूलों और पेड़ों का उल्लेख किया जाता है, जो जीवन की नवीनीकरण का प्रतीक हैं। सोहर गीतों में परिवार के सभी सदस्‍यों को उनके नाम से सम्‍बोधित करते हुए भी गाने की परम्‍परा देखी गयी है। सोहर के द्वारा वर पक्ष एवं कन्‍या पक्ष के सभी सदस्‍यों में प्रति आभार एवं प्रेम का प्रदर्शन भी विशेष रूप से किया जाता है। 

सोहर का सामाजिक पहलू

सोहर केवल एक गीत नहीं है, बल्कि यह समाज की एकता और सांस्‍कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। जब परिवार और मित्र एकत्र होते हैं, तो सोहर गाने से खुशी और उल्लास का माहौल बनता है। यह पारिवारिक संबंधों को मजबूत करता है और सामाजिक मेलजोल को बढ़ावा देता है।

सोहर और भारतीय संस्‍कृति 

सोहर भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो जन्म उत्सव के दौरान प्रेम और खुशी का प्रदर्शन करता है। यह गीत मातृत्व की विशेषताओं और जीवन के उत्सव को दर्शाता है। सोहर की मधुर धुनें न केवल खुशी का संचार करती हैं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक समृद्धि का भी प्रतीक हैं। इस प्रकार, सोहर हमारे समाज की पहचान और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने में मदद करता है।

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धन धन नगर अयोध्‍या 
धनय राजा दशरथ 
धनय राजा दशरथ हो
अब धन री कौशिल्‍या 
तोरे भाग रम‍इया जहाँ जनमे
रमइया जहॉं जनमे हो
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धन धन नगर अयोध्‍या, 
धनय राजा दशरथ, 
धनय राजा दशरथ हो
अब धन री कौशिल्‍या 
तोरे भाग रम‍इया जहाँ जनमे
रमइया जहॉं जनमे हो
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जउने दिन रामा जनम भे हैं 
धरती अनन्‍द भई
धरती अनन्‍द भई हो
अब बजे लगी अनन्‍द बधइयॉं 
गावेंरी सखी सोहर
गावेरी सखी सोहर हो
सखी बजे लगी अनन्‍द बधइयॉं 
गावेंरी सखी सोहर
गावेरी सखी सोहर हो
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जउने दिन रामा जनम भे हैं 
मोतियन लुट भई
मोतियन लुट भई हो
अब मोतिया के नाक बेसरिया 
कोशिल्‍या नथ सोहे
कौशिल्‍या नथ सोहे हो
जउने दिन रामा जनम भे हैं 
मोतियन लुट भई
मोतियन लुट भई हो
अब मोतिया के नाक बेसरिया 
कोशिल्‍या नथ सोहे
कौशिल्‍या नथ सोहे हो
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धन धन नगर अयोध्‍या, 
धनय राजा दशरथ, 
धनय राजा दशरथ हो
अब धन री कौशिल्‍या तोरे भाग 
रम‍इया जहॉं जनमे
रमइया जहॉं जनमे हो
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धन धन नगर अयोध्‍या || Dhan Dhan Nagar Ayodhya || सोहर || Sohar Lyrics in Hindi & English

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Dhan dhan nagar ayodhyā 
Dhanaya rājā dasharath 
Dhanaya rājā dasharath ho
Ab dhan rī kaushilyā 
Tore bhāg ramaiyā jahā janame
Ramaiyā jahaan janame ho
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Dhan dhan nagar ayodhyā, 
Dhanaya rājā dasharatha, 
Dhanaya rājā dasharath ho
Ab dhan rī kaushilyā 
Tore bhāg ramaiyā jahā janame
Ramaiyā jahaan janame ho
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Jaune din rāmā janam bhe haian 
Dharatī anand bhaī
Dharatī anand bhaī ho
Ab baje lagī anand badhaiyaan 
Gāveanrī sakhī sohara
Gāverī sakhī sohar ho
Sakhī baje lagī anand badhaiyaan 
Gāveanrī sakhī sohara
Gāverī sakhī sohar ho
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Jaune din rāmā janam bhe haian 
Motiyan luṭ bhaī
Motiyan luṭ bhaī ho
Ab motiyā ke nāk besariyā 
Koshilyā nath sohe
Kaushilyā nath sohe ho
Jaune din rāmā janam bhe haian 
Motiyan luṭ bhaī
Motiyan luṭ bhaī ho
Ab motiyā ke nāk besariyā 
Koshilyā nath sohe
Kaushilyā nath sohe ho
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Dhan dhan nagar ayodhyā, 
Dhanaya rājā dasharatha, 
Dhanaya rājā dasharath ho
Ab dhan rī kaushilyā tore bhāg 
Ramaiyā jahaan janame
Ramaiyā jahaan janame ho
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