रविवार, 24 दिसंबर 2017

खेले सखियन संग फाग आज बरसाने में || Khele Sakhiyan Sang Fag aaj Barsane me || फाग || Faag

खेले सखियन संग फाग आज बरसाने में
खेले सखियन संग फाग आज बरसाने में
ऐ री हाँ आज बरसाने में
ऐ री हो आज बरसाने में
खेलेरी ... खेलेरी ....
खेले सखियन संग फाग आज बरसाने में
खेले सखियन संग फाग आज बरसाने में

करने चले बरसाने में दंगल
करने चले बरसाने में दंगल
संग में सखा सुमद मधु मंगल
संग में सखा सुमद मधु मंगल
वो तो पहने ... वो तो पहने ...
वो तो पहने बसंती पाग आज बरसाने में
खेले सखियन संग फाग आज बरसाने में

अकड़ के संग ग्‍वालों के डोलें
अकड़ के संग ग्‍वालों के डोलें
जय बृशभानु जवाई की बोले
जय बृशभानु जवाई की बोले
जैसे हो ... जैसे हो ...
जैसे हो इनका ही राज आज बरसाने में
खेले सखियन संग फाग आज बरसाने में

इत उतरी बृशभानु दुलारी
इत उतरी बृशभानु दुलारी
संग में सखियां लिये मतवारी
संग में सखियां लिये मतवारी
कहे मोहन ... कहे मोहन ...
कहे मोहन अब ललकार, आज बरसाने में
खेले सखियन संग फाग आज बरसाने में

हो हो करते हो लाडले प्‍यारे
हो हो करते हो लाडले प्‍यारे
दिन में तोहे दिखा देंगी तारे
दिन में तोहे दिखा देंगी तारे
हो हो हो होरी है ....
हो हो करते हो लाडले प्‍यारे
दिन में तोहे दिखा देंगी तारे
जब होरी ... जब होरी ...
जब होरी मचेगी लठमार आज बरसाने में
खेले सखियन संग फाग आज बरसाने में

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