सोमवार, 17 मार्च 2025

अपना बन्ना फूल गुलाबी || Banna Banni Geet Lyrics in Hindi || Apna Banna Ful Gulabi

अपना बन्ना फूल गुलाबी || Banna Banni Geet Lyrics in Hindi || Apna Banna Ful Gulabi
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अपना बन्ना फूल गुलाबी 
बन्नो चम्पे की कली
इनकी मनोहर जोड़ी 
लागे कितनी भली
अपना बन्ना फूल गुलाबी 
बन्नो चम्पे की कली
बहना के घर में 
ये पहली ख़ुशी है
पहली ख़ुशी 
बड़ी देर से मिली है
सपना पूरा हुआ 
मन की आशा फली
इनकी मनोहर जोड़ी 
लागे कितनी भली
अपना बन्ना फूल गुलाबी 
बन्नो चम्पे की कली
दिन रंग भरे आएँगे 
होगी हर रात दिवाली
संग ले के चली अपने घर 
अब दिया जलाने वाली
प्यारे भैया ने पाई 
दुल्हन साँचे में ढली
इनकी मनोहर जोड़ी 
लागे कितनी भली
अपना बन्ना फूल गुलाबी 
बन्नो चम्पे की कली
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Apanā bannā fūl gulābī 
Banno champe kī kalī
Inakī manohar joḍaī 
Lāge kitanī bhalī
Apanā bannā fūl gulābī 
Banno champe kī kalī
Bahanā ke ghar mean 
Ye pahalī khaushī hai
Pahalī khaushī 
Baḍaī der se milī hai
Sapanā pūrā huā 
Man kī āshā falī
Inakī manohar joḍaī 
Lāge kitanī bhalī
Apanā bannā fūl gulābī 
Banno champe kī kalī
Din ranga bhare āege 
Hogī har rāt divālī
Sanga le ke chalī apane ghar 
Ab diyā jalāne vālī
Pyāre bhaiyā ne pāī 
Dulhan sāche mean ḍhalī
Inakī manohar joḍaī 
Lāge kitanī bhalī
Apanā bannā fūl gulābī 
Banno champe kī kalī
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रविवार, 8 दिसंबर 2024

बृज के रसिया मेरे मन बसिया || कृष्‍ण भजन लिरिक्‍स || Krishna Bhajan Lyrics in Hindi & English

बृज के रसिया मेरे मन बसिया || कृष्‍ण भजन लिरिक्‍स || Krishna Bhajan Lyrics in Hindi & English

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बृज के रसिया 
मेरे मन बसिया
आओ आओ जी 
भोग लगायो रसिया
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शबरी के बेर 
सुदामा के तंदुल 
रुचि रुचि भोग 
लगाओ रसिया
आओ आओ जी 
भोग लगायो रसिया
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बृज के रसिया 
मेरे मन बसिया
आओ आओ जी 
भोग लगायो रसिया
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दुर्योधन के मेवे त्यागे ।
साग विदुर घर 
खाओ रसिया
आओ आओ जी 
भोग, लगायो रसिया
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बृज के रसिया 
मेरे मन बसिया
आओ आओ जी 
भोग लगायो रसिया
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द्रोपदी सख़ी की 
जैसे विपदा टारी 
भण्डारा मेरा भी 
भर जाओ रसिया
आओ आओ जी 
भोग लगायो रसिया
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बृज के रसिया 
मेरे मन बसिया
आओ आओ जी 
भोग लगायो रसिया
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ऐसा भोग लगाओ 
मेरे प्रभु जी ।
सब अमृत कर 
जाओ रसिया,
आओ आओ जी 
भोग लगायो रसिया
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बृज के रसिया 
मेरे मन बसिया
आओ आओ जी 
भोग लगायो रसिया
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चाँदी की छार में 
गंगा का जल 
रुचि रुचि आचमन जी 
करो रसिया
आओ आओ जी 
भोग लगायो रसिया
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बृज के रसिया 
मेरे मन बसिया
आओ आओ जी 
भोग लगायो रसिया
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चूना कत्था 
और इलाइची 
रुचि रुचि पान 
चबाओ रसिया
आओ आओ जी 
भोग लगायो रसिया
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बृज के रसिया 
मेरे मन बसिया
आओ आओ जी 
भोग लगायो रसिया
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बृज के रसिया मेरे मन बसिया || कृष्‍ण भजन लिरिक्‍स || Krishna Bhajan Lyrics in Hindi & English

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Bṛuj ke rasiyā 
Mere man basiyā
Āo āo jī 
Bhog lagāyo rasiyā
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Shabarī ke ber 
Sudāmā ke tandul 
Ruchi ruchi bhog 
Lagāo rasiyā
Āo āo jī 
Bhog lagāyo rasiyā
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Bṛuj ke rasiyā 
Mere man basiyā
Āo āo jī 
Bhog lagāyo rasiyā
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Duryodhan ke meve tyāge 
Sāg vidur ghar 
Khāo rasiyā
Āo āo jī 
Bhoga, lagāyo rasiyā
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Bṛuj ke rasiyā 
Mere man basiyā
Āo āo jī 
Bhog lagāyo rasiyā
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Dropadī sakhaī kī 
Jaise vipadā ṭārī 
Bhaṇḍārā merā bhī 
Bhar jāo rasiyā
Āo āo jī 
Bhog lagāyo rasiyā
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Bṛuj ke rasiyā 
Mere man basiyā
Āo āo jī 
Bhog lagāyo rasiyā
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Aisā bhog lagāo 
Mere prabhu jī 
Sab amṛut kar 
Jāo rasiyā,
Āo āo jī 
Bhog lagāyo rasiyā
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Bṛuj ke rasiyā 
Mere man basiyā
Āo āo jī 
Bhog lagāyo rasiyā
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Chadī kī chhār mean 
Gangā kā jal 
Ruchi ruchi āchaman jī 
Karo rasiyā
Āo āo jī 
Bhog lagāyo rasiyā
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Bṛuj ke rasiyā 
Mere man basiyā
Āo āo jī 
Bhog lagāyo rasiyā
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Chūnā katthā 
Aur ilāichī 
Ruchi ruchi pān 
Chabāo rasiyā
Āo āo jī 
Bhog lagāyo rasiyā
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Bṛuj ke rasiyā 
Mere man basiyā
Āo āo jī 
Bhog lagāyo rasiyā
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बृज के रसिया मेरे मन बसिया || कृष्ण भजन लिरिक्स || Krishna Bhajan Lyrics in Hindi & English

Introduction एक परिचय

कृष्ण भक्ति में अक्सर ऐसे भजन होते हैं जो भगवान श्री कृष्ण के प्रति हमारी भक्ति और प्रेम को हृदय की गहराइयों तक प्रभावित करते हैं। "बृज के रसिया मेरे मन बसिया" एक ऐसा भजन है, जो कृष्ण प्रेमियों के दिलों में बसी उनकी अनमोल भावनाओं को व्यक्त करता है। यह भजन भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं, उनकी रासलीलाओं और बृज की पवित्र भूमि की महिमा को गाता है। इस भजन में "राम रसिया मेरे मन बसिया" जैसे शब्द हमें यह याद दिलाते हैं कि भगवान श्री कृष्ण हमारे दिलों में बसते हैं और हमारे मन में उनका बसना ही हमारे जीवन का सर्वोत्तम अनुभव है।

आज के इस लेख में हम इस भजन की लिरिक्स के बारे में जानेंगे और साथ ही इसमें गाए गए शब्दों का अर्थ समझेंगे। साथ ही हम कृष्ण भजन के इस विशेष गीत का आनंद लेंगे।

"बृज के रसिया मेरे मन बसिया" भजन की लिरिक्स और अर्थ

कृष्ण भजन आमतौर पर भगवान श्री कृष्ण के जीवन की विभिन्न घटनाओं पर आधारित होते हैं। "बृज के रसिया मेरे मन बसिया" भजन भी ऐसी ही एक रचनात्मकता का परिचायक है।

भजन की लिरिक्स कुछ इस प्रकार होती हैं:

"राम रसिया मेरे मन बसिया"
यहां पर "राम रसिया" शब्द भगवान श्री कृष्ण के प्रेम को व्यक्त करते हैं। जब हम कृष्ण के प्रेम में डूब जाते हैं तब हम उनका नाम "राम" या "श्याम" से पुकारते हैं। यह शब्द उनका प्रेम और उनकी दिव्यता की गवाही देते हैं। "मेरे मन बसिया" का अर्थ है कि श्री कृष्ण हमारे दिलों में बस गए हैं और हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं।

"रुचि रुचि भोग लगाओ रसिया"
"रुचि रुचि भोग लगाओ रसिया" में कृष्ण भक्तों को यह संदेश दिया जा रहा है कि हम भगवान श्री कृष्ण को अपने दिल से प्रेम और श्रद्धा के साथ भोग अर्पित करें। 'रुचि रुचि' का अर्थ है पूरी श्रद्धा और प्रेम से भोग अर्पित करना, जो भगवान को समर्पित हो। भोग के माध्यम से हम भगवान को अपनी भक्ति और प्रेम व्यक्त करते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करते हैं।

"श्याम रसिया मेरे मन बसिया, रुचि रुचि भोग लगाओ रसिया"
यह वाक्य इस बात को पूरी तरह से स्पष्ट करता है कि श्री कृष्ण का नाम और उनका प्रेम हमारे मन में वास करता है। जब हम उनका नाम लेते हैं तो हमारे मन में खुशी और शांति की लहरें उठती हैं। इसके अलावा, हम भगवान श्री कृष्ण को सच्चे मन से भोग अर्पित करते हैं, ताकि हमारे जीवन में उनकी कृपा का प्रभाव बना रहे।

भगवान श्री कृष्ण को भोग लगाने का महत्व

"भगवान को भोग लगाने का भजन" के माध्यम से हम यह समझ सकते हैं कि भगवान श्री कृष्ण को भोग अर्पित करने का महत्व बहुत अधिक है। भोग अर्पित करना न केवल एक धार्मिक कर्तव्य है, बल्कि यह हमारे आंतरिक भावनाओं का एक बहुत सुंदर रूप है। जब हम भगवान को भोग अर्पित करते हैं, तो हम अपने दिल से उनका स्वागत करते हैं और उन्हें अपने जीवन में शामिल करते हैं।

इस भजन के माध्यम से यह भी सिखाया जाता है कि हम भगवान को भोग अर्पित करते समय न केवल उनके भौतिक रूप को मानते हैं, बल्कि उनके दिव्य स्वरूप को भी समझते हैं। भोग के रूप में हम उन्हें प्रेम, भक्ति, और श्रद्धा अर्पित करते हैं, जिससे हमारा जीवन आशीर्वादित हो जाता है।

रुचि रुचि भोग लगाओ मेरे प्रभु जी

"रुचि रुचि भोग लगाओ मेरे प्रभु जी" का अर्थ है कि हम भगवान श्री कृष्ण को पूरी श्रद्धा और प्रेम से भोग अर्पित करें। जब हम किसी को प्रेम और श्रद्धा से भोग अर्पित करते हैं, तो हमारे भीतर की सारी नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है और हम शांति और संतुलन की ओर बढ़ते हैं। भगवान श्री कृष्ण को भोग अर्पित करने से हमारी भक्ति और श्रद्धा का स्तर ऊँचा होता है, और हम उनके साथ एक दिव्य संबंध स्थापित करते हैं।

भजन का महत्व और कृष्ण भक्ति

कृष्ण भजनों का एक अद्भुत महत्व है। यह न केवल हमें कृष्ण के दर्शन कराता है, बल्कि हमारे दिलों में उनके प्रति अपार प्रेम और भक्ति को भी जगाता है। भजनों में गाए गए शब्द हमारे दिलों में श्री कृष्ण के प्रेम को और भी गहरा करते हैं। "बृज के रसिया मेरे मन बसिया" जैसे भजन हमें श्री कृष्ण के साथ हमारे संबंध को महसूस कराते हैं और हमारी भक्ति को प्रगाढ़ बनाते हैं।

जब हम इस भजन को गाते हैं, तो हम अपने भीतर के कृष्ण को पहचानते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इस भजन का जाप करने से हमें शांति, समृद्धि, और आंतरिक संतुलन मिलता है। भजनों के माध्यम से कृष्ण के प्रति हमारे प्रेम का इज़हार होता है, और हम उनके दिव्य रूप को समझने की कोशिश करते हैं।

Conclusion

"बृज के रसिया मेरे मन बसिया" भजन न केवल एक सुंदर रचना है, बल्कि यह हमें भगवान श्री कृष्ण के प्रति अपनी भक्ति और प्रेम को व्यक्त करने का एक अद्भुत माध्यम भी है। "राम रसिया मेरे मन बसिया", "रुचि रुचि भोग लगाओ रसिया", और "श्याम रसिया मेरे मन बसिया" जैसे शब्दों के माध्यम से हम भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा को व्यक्त करते हैं।

यदि आप कृष्ण भक्ति में गहरे समर्पित हैं, तो इन भजनों को गाकर आप अपने जीवन में कृष्ण के आशीर्वाद को और भी मजबूत कर सकते हैं। इस भजन के माध्यम से भगवान को भोग अर्पित करना, उनका नाम लेना, और उनका प्रेम अनुभव करना हमारे जीवन को दिव्य बना देता है।

आशा है कि आपको इस भजन का महत्व और इसकी लिरिक्स का अर्थ समझ में आया होगा। कृष्ण भक्ति में हमेशा ऐसे भजन हमारे साथ होते हैं, जो हमें अपने प्रभु से जोड़ते हैं और हमें उनके आशीर्वाद की ओर अग्रसर करते हैं।

शनिवार, 7 दिसंबर 2024

मेरे साँवरे सलोने प्यारे-प्यारे || कृष्‍ण भजन लिरिक्‍स || Krishna Bhajan Lyrics in Hindi & English

मेरे साँवरे सलोने प्यारे-प्यारे || कृष्‍ण भजन लिरिक्‍स || Krishna Bhajan Lyrics in Hindi & English

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मेरे साँवरे सलोने प्यारे-प्यारे 
तेरे नैना कजरारे कारे-कारे 
अब मुझे शरण में ले लेना 
मेरे हिय के हिंडोले में तू आरे 
मत प्रेमियों को इतना सता रे 
अब हृदय सेज में सो लेना 
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मेरे सर पर कर की छाया 
रख देना सदा बनवारी 
जग के सुख भोग में बहकूँ 
तब देना सहारा बिहारी 
मुझको तुझसे ये आश 
करता रहता विश्वास 
मुझे अब दुनिया से क्या लेना 
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मेरे साँवरे सलोने प्यारे-प्यारे 
तेरे नैना कजरारे कारे-कारे 
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इस जग में पाया धोखा 
यहाँ अपना नहीं है कोई 
तुम ही बस अपने सच्चे 
पर माया मुझे भरमाई 
तेरी भक्ती जो मिले 
माया की कैसे चले 
मुझे अब भक्ती से भर देना 
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मेरे साँवरे सलोने प्यारे-प्यारे 
तेरे नैना कजरारे कारे-कारे 
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जब माना तुझको अपना 
क्यों आते न हिय में मुरारी 
यह पागल कान्त भटकता 
जग जंजाल में गिरिधारी 
आके गले से लगा 
प्रेम हिय में जगा 
तुझे अब जाने फिर क्यों देना 
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मेरे साँवरे सलोने प्यारे-प्यारे 
तेरे नैना कजरारे कारे-कारे 
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मेरे साँवरे सलोने प्यारे-प्यारे || कृष्‍ण भजन लिरिक्‍स || Krishna Bhajan Lyrics in Hindi & English

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Mere sāvare salone pyāre-pyāre 
Tere nainā kajarāre kāre-kāre 
Ab muze sharaṇ mean le lenā 
Mere hiya ke hianḍole mean tū āre 
Mat premiyoan ko itanā satā re 
Ab hṛudaya sej mean so lenā 
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Mere sar par kar kī chhāyā 
Rakh denā sadā banavārī 
Jag ke sukh bhog mean bahakū 
Tab denā sahārā bihārī 
Mujhako tujhase ye āsh 
Karatā rahatā vishvās 
Muze ab duniyā se kyā lenā 
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Mere sāvare salone pyāre-pyāre 
Tere nainā kajarāre kāre-kāre 
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Is jag mean pāyā dhokhā 
Yahā apanā nahīan hai koī 
Tum hī bas apane sachche 
Par māyā muze bharamāī 
Terī bhaktī jo mile 
Māyā kī kaise chale 
Muze ab bhaktī se bhar denā 
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Mere sāvare salone pyāre-pyāre 
Tere nainā kajarāre kāre-kāre 
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Jab mānā tujhako apanā 
Kyoan āte n hiya mean murārī 
Yah pāgal kānta bhaṭakatā 
Jag janjāl mean giridhārī 
Āke gale se lagā 
Prem hiya mean jagā 
Tuze ab jāne fir kyoan denā 
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Mere sāvare salone pyāre-pyāre 
Tere nainā kajarāre kāre-kāre 
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मेरे साँवरे सलोने प्यारे-प्यारे || कृष्ण भजन लिरिक्स || Krishna Bhajan Lyrics in Hindi & English

Introduction एक परिचय

कृष्ण भक्ति में सदैव एक विशिष्‍ट आकर्षण होता है जो भक्तों को भगवान श्री कृष्ण के अद्भुत रूप और लीलाओं के करीब ले आता है। "मेरे साँवरे सलोने प्यारे-प्यारे" एक ऐसा कृष्ण भजन है जो न केवल कृष्ण के सुंदर रूप को चित्रित करता है बल्कि भक्तों के दिलों में उनकी दिव्यता का अनुभव भी कराता है। यह भजन श्री कृष्ण के प्रति प्रेम और श्रद्धा को व्यक्त करने का एक अद्भुत माध्यम है।

आज के इस लेख में हम इस भजन के लिरिक्स पर चर्चा करेंगे, साथ ही इसमें गाए गए शब्दों का अर्थ समझेंगे। इसके साथ ही हम भारतीय लोकगीतों और भजनों के महत्व पर भी प्रकाश डालेंगे।

"मेरे साँवरे सलोने प्यारे-प्यारे" भजन की लिरिक्स और अर्थ

यह भजन भगवान श्री कृष्ण के रूप और सौंदर्य की विशेषताओं को दर्शाता है। भजन की लिरिक्स कुछ इस प्रकार होती हैं:

"मेरे सांवरे सलोने सांवरिया"
यहां पर "सांवरे सलोने सांवरिया" शब्द भगवान श्री कृष्ण के रूप को सुंदरता के सर्वोच्च स्तर पर दर्शाते हैं। "सांवरे" शब्द से उनकी सुंदरता और आकर्षण को व्यक्त किया जाता है, जो भक्तों को उनके प्रति अपार प्रेम और भक्ति की ओर आकर्षित करता है। कुछ भक्‍त इसे भगवान के सांवले स्‍वरूप के रूप में भी मान्‍यता प्रदान करते हैं।

"मेरा सांवरा सलोना दिलदार लुटाने अपना प्यार आ गया"
इस वाक्य में कृष्ण के प्रेम और उनके दिलदार स्वभाव का वर्णन किया गया है। यह भाव व्यक्त करता है कि श्री कृष्ण अपने भक्तों से प्रेम करने के लिए आए हैं और उनका प्यार समर्पण और भक्ति में रूपांतरित हो जाता है। उनके दिव्य प्रेम में डूबने से भक्तों के दिलों को शांति और आशीर्वाद मिलता है।

"मेरे सांवरे सलोने कन्‍हैया तेरा जलवा कहाँ पर नहीं है"
यह वाक्य भगवान श्री कृष्ण के महान व्यक्तित्व और उनके जलवों की महिमा को व्यक्त करता है। "कन्‍हैया" शब्द श्री कृष्ण के प्रिय नामों में से एक है और इसका उल्लेख करते हुए भजन यह जताता है कि श्री कृष्ण का जलवा हर जगह है उनका प्रभाव और आकर्षण हर जगह महसूस होता है। भगवान सर्वव्‍यापक स्‍वरूप में भक्‍तों का कल्‍याण करते हैं। 

लोकगीतों का महत्व और कृष्ण भक्ति

भारत में लोकगीतों का एक विशेष स्थान है। विशेष रूप से ब्रज के लोकगीत और बुंदेली लोकगीत कृष्ण भक्ति से जुड़े होते हैं। ब्रज के लोकगीत लिरिक्स और बुंदेली लोकगीत लिरिक्स में भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं और उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं का वर्णन किया जाता है। इन गीतों के माध्यम से लोग अपने आस्था और भक्ति का प्रदर्शन करते हैं।

लोकगीतों में आमतौर पर सरल और मधुर संगीत होता है, जो सुनने में आनंदित करता है और दिल को शांति प्रदान करता है। कृष्ण भजन, विशेष रूप से हिंदी लोकगीत भजन, भक्तों को भगवान के साथ एक दिव्य संबंध स्थापित करने में मदद करते हैं। इस संदर्भ में Lokgeet in Hindi Lyrics बहुत लोकप्रिय होते हैं क्योंकि वे भक्तों को धार्मिक भावना से जोड़ते हैं।

इसके अलावा, देहाती लोकगीत हिंदी में Lyrics और सालासर हनुमान जी के भजन Lyrics भी भारतीय लोक गीतों का अहम हिस्सा हैं। ये गीत विशेष रूप से ग्रामीण और देहाती जीवन से जुड़े होते हैं और भारतीय संस्कृति की जड़ों से जुड़े होते हैं। छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना लिखित में भजन जैसे भजन भी इस श्रेणी में आते हैं, जो भक्तों के दिलों को हलका कर देते हैं और उन्हें भगवान के करीब महसूस कराते हैं।

कृष्ण भजन में प्रेम और भक्ति का महत्व

कृष्ण भजन न केवल संगीत और लिरिक्स का संगम होते हैं, बल्कि वे भक्तों के दिलों में भगवान श्री कृष्ण के प्रति प्रेम और भक्ति को भी बढ़ाते हैं। भजन के माध्यम से हम अपनी भावनाओं को भगवान तक पहुँचाते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने की कोशिश करते हैं।

"मेरे सांवरे सलोने प्यारे-प्यारे" जैसे भजनों का मुख्य उद्देश्य यही होता है कि भक्त भगवान श्री कृष्ण के सौंदर्य और प्रेम में रंग जाएं और उनके साथ एक दिव्य संबंध स्थापित करें। यह भजन उन भक्तों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनता है जो भगवान श्री कृष्ण के प्रेम में पूर्ण रूप से समर्पित हैं।

भारतीय लोकगीतों का सांस्कृतिक महत्व

भारत में लोकगीतों का बहुत ही गहरा सांस्कृतिक महत्व है। भारतीय लोक गीत हिंदी में न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करते हैं, बल्कि वे हमारी भावनाओं और आस्थाओं का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। भगवान श्री कृष्ण से जुड़े ब्रज के लोकगीत लिरिक्स और बुंदेली लोकगीत लिरिक्स भक्तों को कृष्ण के जीवन की शिक्षाओं को समझने और उनसे जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।

इस प्रकार के भजन और गीत भारतीय समाज की धार्मिकता और सांस्कृतिक धारा को मजबूत करते हैं। जब लोग इन भजनों को गाते हैं तो वे न केवल भगवान से जुड़े रहते हैं बल्कि अपनी संस्कृति और परंपराओं से भी जुड़ते हैं।

कृष्ण भक्ति के माध्यम से शांति और संतुलन

कृष्ण भक्ति का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह हमारे जीवन में शांति और संतुलन लाती है। जब हम भजन गाते हैं या कृष्ण के गीतों को सुनते हैं तो हमारे दिल में एक आंतरिक शांति का अनुभव होता है। इस शांति से न केवल हमारी आत्मा को ताजगी मिलती है बल्कि हम अपने जीवन की कठिनाइयों का सामना भी बेहतर तरीके से कर पाते हैं।

"मेरे सांवरे सलोने प्यारे-प्यारे" भजन का प्रभाव

इस भजन को गाते समय भक्त अपने दिल में श्री कृष्ण के प्रति प्रेम को महसूस करते हैं और उनके दिव्य रूप का दर्शन करते हैं। भजन में गाए गए शब्द जैसे "मेरा सांवरा सलोना दिलदार लुटाने अपना प्यार आ गया" और "कन्‍हैया तेरा जलवा कहाँ पर नहीं है" भक्तों को यह समझाते हैं कि भगवान श्री कृष्ण का प्रेम सर्वव्यापी है और वह हर जगह हमारे साथ होते हैं।

Conclusion निष्‍कर्ष 

"मेरे सांवरे सलोने प्यारे-प्यारे" भजन कृष्ण भक्ति का अद्भुत रूप है, जो भक्तों को भगवान श्री कृष्ण के प्रति अपार प्रेम और भक्ति की ओर प्रेरित करता है। इस भजन में गाए गए शब्द भगवान श्री कृष्ण के सौंदर्य, प्रेम, और आकर्षण को दर्शाते हैं। भारतीय लोक गीतों जैसे ब्रज के लोकगीत लिरिक्स, बुंदेली लोकगीत लिरिक्स, और हिंदी लोकगीत भजन हमें कृष्ण के जीवन से जुड़ी भावनाओं और घटनाओं को समझने में मदद करते हैं।

जब हम इस प्रकार के भजन और लोक गीतों को गाते हैं, तो हम न केवल अपनी भक्ति को व्यक्त करते हैं, बल्कि हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक आस्थाओं से भी जुड़ते हैं। कृष्ण भक्ति हमें शांति, समृद्धि और आंतरिक संतुलन प्रदान करती है जो हमारे जीवन को दिव्य बनाती है।

शुक्रवार, 6 दिसंबर 2024

सारे मोदक और लड्डू बिखेर गयो रे || गणेश भजन लिरिक्‍स || Ganesh Bhajan Lyrics in Hindi & English

सारे मोदक और लड्डू बिखेर गयो रे || गणेश भजन लिरिक्‍स || Ganesh Bhajan Lyrics in Hindi & English

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सारे मोदक और लड्डू
बिखेर गयो रे 
बिखेर गयो रे
गौरा तेरा लाला 
किधर गयो रे 
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पीला पिताम्बर लाई 
दूर्वा की माला लाई 
मूषक सवारी 
निकल गयो रे 
निकल गयो रे
गौरा तेरा लाला 
किधर गयो रे
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सारे मोदक और लड्डू
बिखेर गयो रे 
बिखेर गयो रे
गौरा तेरा लाला 
किधर गयो रे 
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माथे का मुकुट लाई 
लाल सिन्दूर लाई 
गणो के बींच में 
छुप गयो रे 
छुप गयो रे
गौरा तेरा लाला 
किधर गयो रे
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सारे मोदक और लड्डू
बिखेर गयो रे 
बिखेर गयो रे
गौरा तेरा लाला 
किधर गयो रे 
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शंकर को पूछ आई 
नन्दी को पूछ आई 
कार्तिक के संग 
निकल गयो रे 
निकल गयो रे
गौरा तेरा लाला 
किधर गयो रे
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सारे मोदक और लड्डू
बिखेर गयो रे 
बिखेर गयो रे
गौरा तेरा लाला 
किधर गयो रे 
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हाथों का कंगना लाई 
पैरों, की पायल लाई 
मईया के आंचल में 
छिप गयो रे 
छिप गयो रे
गौरा तेरा लाला 
किधर गयो रे
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सारे मोदक और लड्डू
बिखेर गयो रे 
बिखेर गयो रे
गौरा तेरा लाला 
किधर गयो रे 
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रिद्धि को पूछ आई 
सिद्धि को पूछ आई 
कष्टों को हरने 
निकल गयो रे 
निकल गयो रे
भक्तो को दर्शन 
देने गयो रे
भक्तो को दर्शन 
देने गयो रे
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सारे मोदक और लड्डू
बिखेर गयो रे 
बिखेर गयो रे
गौरा तेरा लाला 
किधर गयो रे 
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सारे मोदक और लड्डू बिखेर गयो रे || गणेश भजन लिरिक्‍स || Ganesh Bhajan Lyrics in Hindi & English

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Sāre modak aur laḍḍū
Bikher gayo re 
Bikher gayo re
Gaurā terā lālā 
Kidhar gayo re 
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Pīlā pitāmbar lāī 
Dūrvā kī mālā lāī 
Mūṣhak savārī 
Nikal gayo re 
Nikal gayo re
Gaurā terā lālā 
Kidhar gayo re
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Sāre modak aur laḍḍū
Bikher gayo re 
Bikher gayo re
Gaurā terā lālā 
Kidhar gayo re 
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Māthe kā mukuṭ lāī 
Lāl sindūr lāī 
Gaṇo ke bīancha mean 
Chhup gayo re 
Chhup gayo re
Gaurā terā lālā 
Kidhar gayo re
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Sāre modak aur laḍḍū
Bikher gayo re 
Bikher gayo re
Gaurā terā lālā 
Kidhar gayo re 
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Shankar ko pūchh āī 
Nandī ko pūchh āī 
Kārtik ke sanga 
Nikal gayo re 
Nikal gayo re
Gaurā terā lālā 
Kidhar gayo re
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Sāre modak aur laḍḍū
Bikher gayo re 
Bikher gayo re
Gaurā terā lālā 
Kidhar gayo re 
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Hāthoan kā kanganā lāī 
Pairoan, kī pāyal lāī 
Maīyā ke āanchal mean 
Chhip gayo re 
Chhip gayo re
Gaurā terā lālā 
Kidhar gayo re
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Sāre modak aur laḍḍū
Bikher gayo re 
Bikher gayo re
Gaurā terā lālā 
Kidhar gayo re 
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Riddhi ko pūchh āī 
Siddhi ko pūchh āī 
Kaṣhṭoan ko harane 
Nikal gayo re 
Nikal gayo re
Bhakto ko darshan 
Dene gayo re
Bhakto ko darshan 
Dene gayo re
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Sāre modak aur laḍḍū
Bikher gayo re 
Bikher gayo re
Gaurā terā lālā 
Kidhar gayo re 
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सारे मोदक और लड्डू बिखेर गयो रे || गणेश भजन लिरिक्‍स || Ganesh Bhajan Lyrics in Hindi & English

Introduction एक परिचय

गणेश जी का पूजन भारतीय संस्कृति में अत्यधिक महत्व रखता है। विशेष रूप से गणेश चतुर्थी के मौके पर भगवान गणेश के भजन और मंत्रों का उच्चारण किया जाता है। गणेश जी के भजनों में एक खास आस्था और प्रेम छुपा होता है जो भक्तों के दिलों को शांति और समृद्धि की ओर मार्गदर्शित करता है। "सारे मोदक और लड्डू बिखेर गयो रे" यह भजन गणेश जी की प्रिय वस्तुएं मोदक और लड्डू के बारे में है और यह भजन भक्तों के बीच बेहद लोकप्रिय है। इस लेख में हम इस भजन के लिरिक्‍स पर चर्चा करेंगे और साथ ही यह भी जानेंगे कि गणेश भजन लिरिक्‍स हिंदी और इंग्लिश में कैसे गाए जाते हैं।

सारे मोदक और लड्डू बिखेर गयो रे भजन के लिरिक्‍स

"सारे मोदक और लड्डू बिखेर गयो रे" एक प्यारा सा भजन है जो भगवान गणेश के प्रेम और श्रद्धा को दर्शाता है। यह भजन गणेश जी के रूप, उनके आशीर्वाद और उनके प्रिय भोग मोदक और लड्डू का उल्लेख करता है।

भजन के लिरिक्‍स कुछ इस प्रकार होते हैं:

सारे मोदक और लड्डू बिखेर गयो रे
यह वाक्य गणेश जी के अनमोल प्रेम का प्रतीक है, जो उनके भक्तों के दिलों में विशेष स्थान रखता है। मोदक और लड्डू उनके प्रिय भोग हैं, और इस भजन में इन वस्तुओं का उल्लेख भगवान गणेश की कृपा और आशीर्वाद का प्रतीक है।

गणेश जी के भजन और लिरिक्‍स

गणेश जी के भजन विभिन्न रूपों में होते हैं। इन भजनों में भगवान गणेश के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है, जैसे कि "गणेश भजन लिरिक्‍स हिंदी और इंग्लिश" जो भक्तों को विभिन्न भाषाओं में गणेश जी के आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं।

गणेश भजन का मुख्य उद्देश्य भगवान गणेश के प्रति भक्तों की श्रद्धा और भक्ति को व्यक्त करना होता है। यह भजन हर किसी को गणेश जी की उपस्थिति और उनके आशीर्वाद की अनुभूति कराता है। इस भजन के बोल, गणेश भजन के बोल हिंदी में, भक्तों के दिलों में सच्ची भक्ति और प्रेम जागृत करते हैं।

Ganesh Bhajan Lyrics in Hindi & English

गणेश जी के भजनों का प्रभाव न केवल हिंदी भाषी भक्तों पर पड़ता है, बल्कि यह इंग्लिश बोलने वालों तक भी पहुँचता है। "Ganesh Bhajan Lyrics in Hindi & English" इस भजन के दोनों रूपों में प्रस्तुत किए जाते हैं ताकि अधिक से अधिक लोग इसे समझ सकें और गणेश जी की भक्ति में रम सकें।

गणेश जी के भजन लिरिक्‍स और अर्थ

जब हम "सारे मोदक और लड्डू बिखेर गयो रे" भजन के लिरिक्‍स का अर्थ समझते हैं, तो यह हमें गणेश जी की महिमा और उनके भक्तों से प्रेम को समझने में मदद करता है। मोदक और लड्डू भगवान गणेश के प्रिय भोग हैं, और इनका उल्लेख उनकी कृपा और आशीर्वाद की ओर संकेत करता है। जब भक्त इन भजनों को गाते हैं, तो वे अपने जीवन में गणेश जी के आशीर्वाद की प्रार्थना करते हैं।

लड्डू और मोदक के साथ गणेश भजन लिरिक्‍स

गणेश जी का प्रिय भोग मोदक और लड्डू है, और यही कारण है कि "सारे मोदक और लड्डू बिखेर गयो रे" भजन में इन दो प्रिय भोगों का उल्लेख किया गया है। इस भजन में भगवान गणेश के साथ-साथ उनके भक्तों के हर्ष और खुशी को भी व्यक्त किया गया है। जब भक्ति में रम कर भक्त भगवान गणेश को मोदक और लड्डू अर्पित करते हैं, तो उनका जीवन आशीर्वाद से भर जाता है।

गणेश भजन हिंदी में गाने के लिरिक्‍स

"गणेश भजन हिंदी में गाने के लिरिक्‍स" बेहद सरल और मधुर होते हैं, जो भक्तों को भगवान गणेश के प्रति आस्था और श्रद्धा में लीन कर देते हैं। हिंदी में गाए जाने वाले गणेश भजन उनकी भक्ति और महिमा को और भी अधिक प्रभावी ढंग से व्यक्त करते हैं।

गणेश भजन लिरिक्‍स हिंदी और इंग्लिश फुल

जब गणेश भजन के लिरिक्‍स को हिंदी और इंग्लिश फुल रूप में प्रस्तुत किया जाता है, तो यह उन भक्तों के लिए बहुत लाभकारी होता है जो इंग्लिश बोलते हैं लेकिन हिंदी नहीं जानते। यह दो भाषाओं का संयोजन भक्तों को गणेश जी की भक्ति में गहरे तक ले जाता है और उन्हें गणेश पूजा के महत्व को समझने में मदद करता है।

Ganesh Bhajan Lyrics: सारे मोदक बिखेर गयो

"Ganesh Bhajan Lyrics: सारे मोदक बिखेर गयो" का गायक स्वर और ताल भक्तों के दिलों में भगवान गणेश के आशीर्वाद का अनुभव कराता है। यह भजन भगवान गणेश के सौम्य रूप और उनके भोग मोदक और लड्डू के माध्यम से उनकी कृपा को व्यक्त करता है।

गणेश भजन लिरिक्‍स डाउनलोड हिंदी में

बहुत से भक्त गणेश भजन के लिरिक्‍स को अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर में डाउनलोड करना पसंद करते हैं ताकि वे कहीं भी और कभी भी भजन गा सकें। "गणेश भजन लिरिक्‍स डाउनलोड हिंदी में" के लिए कई वेबसाइट्स उपलब्ध हैं, जहां से भक्त इन लिरिक्‍स को डाउनलोड कर सकते हैं और गणेश जी की भक्ति में खो सकते हैं।

गणेश भजन "सारे मोदक और लड्डू बिखेर गयो" के लिरिक्‍स हिंदी में

"सारे मोदक और लड्डू बिखेर गयो" भजन का हिंदी में उच्चारण भक्तों को भगवान गणेश की महिमा और उनके प्रिय भोगों की ओर आकर्षित करता है। यह भजन गणेश जी के भक्तों को यह समझाने का प्रयास करता है कि भगवान गणेश का आशीर्वाद हमें हर कठिनाई से उबार सकता है और हमें हर दिशा में समृद्धि और खुशी मिल सकती है।

गणेश पूजा के भजन और लिरिक्‍स

गणेश पूजा के दौरान भजनों का विशेष महत्व होता है। भक्त गणेश जी को भोग अर्पित करने के बाद इस तरह के भजनों का गायन करते हैं, जिससे पूजा की शांति और आध्यात्मिकता बनी रहती है। "गणेश पूजा के भजन और लिरिक्‍स" में गणेश जी के प्रति भक्तों का प्रेम और आस्था प्रकट होती है।

Ganesh Bhajan for Ganesh Chaturthi - Lyrics in Hindi and English

गणेश चतुर्थी के मौके पर "Ganesh Bhajan for Ganesh Chaturthi - Lyrics in Hindi and English" विशेष रूप से प्रचलित होते हैं। इस समय भक्त गणेश जी के भजनों के साथ पूरे श्रद्धा भाव से पूजा करते हैं, ताकि गणेश जी का आशीर्वाद उनके जीवन में खुशहाली और सफलता लेकर आए।

Conclusion निष्‍कर्ष 

"सारे मोदक और लड्डू बिखेर गयो रे" भजन गणेश जी के आशीर्वाद और उनके प्रिय भोगों के बारे में बहुत सुंदर तरीके से वर्णन करता है। इस भजन को गाकर भक्त भगवान गणेश के प्रति अपनी भक्ति और प्रेम व्यक्त करते हैं। गणेश भजन लिरिक्‍स, चाहे वे हिंदी में हों या इंग्लिश में, भक्तों को भगवान गणेश के दिव्य आशीर्वाद का अनुभव कराते हैं। गणेश चतुर्थी जैसे विशेष अवसरों पर यह भजन और भक्ति का गीत भारतीय संस्कृति और धार्मिकता का प्रतीक बनते हैं।

गुरुवार, 5 दिसंबर 2024

गौरा के दुलारे हैं महादेव के प्यारे हैं || गणेश वन्‍दना लिरिक्‍स || Ganesh Vandana Lyrics in Hindi & English

गौरा के दुलारे हैं महादेव के प्यारे हैं || गणेश वन्‍दना लिरिक्‍स || Ganesh Vandana Lyrics in Hindi & English

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हो जिनकी प्रथम पूजा 
भगवान वो न्यारे हैं
गौरा के दुलारे हैं 
महादेव के प्यारे हैं
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मजबूर है दुखियारे सब 
दर्द के मारे हैं 
जो दुख में भी आते हैं 
देवा तेरे द्वारे हैं
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महसूस ये किया है 
दिल ने हमारे अक्सर
देवा की आरती में 
सब देव पधारे हैं
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कैलाश पे भी देवा 
काशी में भी है देवा
जिस ओर भी देखोगे 
देवा के नज़ारे हैं
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मशहूर है दुनिया में 
देवा की दयावानी
वह दीनों के बंधु हैं  
दुखियों के सहारे हैं
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जो नैया को छोड़ेंगे 
देवा के भरोसे पर
मझधार में भी घिरकर 
लगते वो किनारे हैं
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होता है विसर्जन जब 
सागर में गजानन का
सब मिलके लगाते हैं 
देवा के जैकारे हैं
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कोढ़ी को दी है काया 
निर्धन को दी है माया
बाँझो के भाग्य बिगड़े 
देवा ने सवांरे हैं
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गौरा के दुलारे हैं महादेव के प्यारे हैं || गणेश वन्‍दना लिरिक्‍स || Ganesh Vandana Lyrics in Hindi & English

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Ho jinakī pratham pūjā 
Bhagavān vo nyāre haian
Gaurā ke dulāre haian 
Mahādev ke pyāre haian
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Majabūr hai dukhiyāre sab 
Darda ke māre haian 
Jo dukh mean bhī āte haian 
Devā tere dvāre haian
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Mahasūs ye kiyā hai 
Dil ne hamāre aksara
Devā kī āratī mean 
Sab dev padhāre haian
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Kailāsh pe bhī devā 
Kāshī mean bhī hai devā
Jis or bhī dekhoge 
Devā ke najaāre haian
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Mashahūr hai duniyā mean 
Devā kī dayāvānī
Vah dīnoan ke bandhu haian  
Dukhiyoan ke sahāre haian
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Jo naiyā ko chhoḍa़eange 
Devā ke bharose para
Majhadhār mean bhī ghirakar 
Lagate vo kināre haian
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Hotā hai visarjan jab 
Sāgar mean gajānan kā
Sab milake lagāte haian 
Devā ke jaikāre haian
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Koḍhaī ko dī hai kāyā 
Nirdhan ko dī hai māyā
Bāzo ke bhāgya bigaḍae 
Devā ne savāanre haian
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लेखक : सोनू दास
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दो हँसों की गाड़ी तैयार खड़ी रे || Banna Banni Lyrics in Hindi and English || Do Hanso Ki Gadi

दो हँसों की गाड़ी तैयार खड़ी रे || Banna Banni Lyrics in Hindi and English || Do Hanso Ki Gadi *** *** दो हँसों की गाड़ी तैयार खड़ी रे दो हँ...